Tuesday, September 10, 2019

chandrayaan-2 aur vikram lander ka pyaar

"मेरे गले की राग"

चंद्रयान-२ और विक्रम लैंडर का प्यार................. 


चाँद की खूबसूरती को देख विक्रम लैंडर न सम्हल पाया ,
चाँद की सतह पे पाँव रखते ही लड़खड़ाया ,

हड़बड़ाहट की थी जो चाँद को छूने की ,
तीसरा दिन है अब तक होश नहीं आया II

गर होश आ भी जाये लैंडर को, तो वो बेहोश हो जायेगा ,
क्योकि वो अपने आप को चाँद की गोंद में पायेगा ,

विक्रम अब तो दुआ कर, हाल ए दिल  बयां कर दे पृथवी से,
ये वही चाँद है जो चक्कर लगा रहा  है सदियों से,

ऑर्बिटर से देखी न गई दर्द लैंडर की, उसने भी कह दिया
खूब बाते कर लो दिल के अंदर की,

इसरो ने बड़े लाड प्यार से भेजा है शोध करने के लिए
प्यार से भी जरूरी कई काम है, प्यार सब कुछ नहीं जिंदगी के लिए II



Written by Shubham Srivastava                                                               Date-10/09/2019 2.05 AM

Wednesday, December 12, 2018

"मेरे गले की राग " By Shubham Srivastava

मेरे गले की 'राग'

जब से उससे बिछड़ा हु अक्सर रात में नींद टूट जाती है I 
वो पुरानी बात फिर से याद आती है I 
जो वादे किये थे उसने, हमसे बिखरे हुवे नज़र आते है I 
"काश" एक बार फिर से वो रात आती,
वो मुझसे बात करती और फिर मुझको नींद आती II

सोने की कीमत सोने से ज्यादा होती है
एक रात जगा तो खबर पड़ी
शुकुन सोने की चैन पा कर भी न मिली
जो शुकून चैन से सोने पर मिली

दूर होकर भी कोई पास रहता है,
दिल में मेरे कोई जरूर रहता है।
मुझे शक है कि, वो राग है,
जो मेरे रगो में गूंजता रहता है।।

काश के मैं न उससे मिलता,
न उससे कुछ बातें करता
न ही उसकी याद आती
और न ही उसको मेसेज करता
 (21/02/2019)






Date:-26/05/2019 23:23                                                                       written by-Shubham Srivastava





Wednesday, November 28, 2018

"वक़्त " by Shubham Srivastava

''मेरे गले की राग''

मेरी उम्र बहुत ही छोटी थी, पर राग मेरे साथ थी, 
उस राग में मै रम गया जो राग मेरे साथ थी,

राग की मै रागिनी में चमकता था बहुत,
एक दिन ऐसा भी आया वो चमक अब दूर थी,

प्यारी राग की कमी  महसूस मै करने लगा , 
ना किसी को कह सका और ना ही खुद मै सह सका

वक़्त था जब गूंजती थी उनके अल्फाजो के सुर,
आज का वक़्त भी गजब है, चित्र है, वो सुर नहीं।।


मैं भी एक अजब इंसान हूँ,
परेशान हूँ पर खिलता गुलाब हूँ ,
आपका सन्देश न आये पर एक उम्मीद रखता हूँ 
आपका सन्देश आये तो बस एक ख्वाब समझता हूँ,
दिल खिल खिला उठता है आपसे गुप्तगू करके 
रोता भी खूब है रूसवा हो कर के ,,,,

Date-28/11/2018 00:54 am                                                    written by-shubham srivastava

Friday, November 16, 2018

"मां - बाप"


हर दिन नया हैं, हर सुबह है ताजे
रखे नई सोच और करे प्यार से बातें

समस्या का तो काम है आना,
हमारा काम है उसे सुलझाना,

हम चाहे तो समस्या बढ़ाए,
हम चाहे तो समस्या घटाए,

मां बाप ने बहुत मेहनत की हमे यहां तक लाने में,

अब हमारी जिम्मेदारी है उनकी खुशियां दिलाने में,

कभी मां बाप हमारी बड़ी से बड़ी गलतियां भी माफ़ करते थे 

अब बारी हमारी है , उनकी किसी भी गलती को माफ़ करने की,

बचपन में मां बाप हमारी जिदे पूरी करते थे ,

अब बारी हमारी है उनकी सारी जिदे पूरी करने की,

जब हम बच्चे थे तब मां बाप जवां होते है,

जब हम जवां होते है तो मां बाप बच्चे के समान होते है,

इस बात का ध्यान हमे रखना होगा,

हमारे जन्म के समय मां ने कितना दर्द शहा होगा,

 उस दर्द को महसूस कर के बच्चो एक बात समझना,

मां बाप को खुशी ना दो चलेगा,
पर उन्हें दर्द कभी मत देना,

मां बाप की कोशिश भी लाजवाब है,
 बच्चो की सफलता में सबसे बड़ा हाथ है,

मां बाप हमारे  लिए तब तक लगे रहते है 

जब तक कि बच्चे कहीं अच्छी जगह ना लग जाए,

अब अगर हम अच्छी जगह लग गए है ,

तो कम से कम 10, 12 साल उनकी देखभाल करने में लग जाए,

जरूरी नहीं कि मां बाप हमारे आज्ञा का पालन करे,

पर जरूरी ये है कि हम मां बाप की  आज्ञा का पालन करे,

जब हम बच्चे थे तो ना जाने कौन सी खुशी कुर्बान कर दी हमारी खुशी के लिए,

अब वक्त है कि हम अपनी खुशी के बजाय उनकी खुशियों पर ध्यान दे,

Written
By-shubham Srivastava

16/11/2018 01:28AM

Friday, February 23, 2018

हमारा बचपन (उम्र:0-5):
बचपना भी क्या गजब था, जो खिलौना पसंद हो तो वो मांगने पे मिल जाता था
जब से बड़े हो गए तब से सब कुछ ख़तम अब सिर्फ जरूरते पूरी हो रही बस
खुल के रो भी नहीं पा रहे ये सोच के कि लोग पूछने लगेंगे कि क्या बात है
बचपन में तो बिना बात के ही रो लेते थे
अगर भगवान् वरदान दे तो मै फिर से अपना बचपना मांग लूंगा
बचपन कि बहुत याद आती है
बड़ा जिद्दी था लोग ऐसा बताते है, कोई चीज मांगू तो मिल ही जाता था
लेकिन एक चीज़ खास है कि मै साल दर साल बड़ा होता चला गया, परिवार कि मोहब्बत आज भी उसी तरह है जो कि मैंने महसूस किया है बहुत करीब से I
   



मै जब बड़ा हुवा तो स्कूल का दौर शुरू हुवा फिर तो जो हुवा आज तक लेके घूम रहे है साथ साथ 

मोहब्बत मेरा साथ नहीं छोड़ रही बाकि इंसान का कोई भरोसा नहीं



आप अपना सन्देश हमे भेजते रहिये अगर ऐसा कुछ महसूस किया है तो
 

By- Shubham srivastava 

Thursday, February 22, 2018


अभी तक जिंदगी को मैंने जिस तरीके से महसूस किया है वो मै आपके साथ शेयर कर रहा हूँ,
उम्मीद करता हूँ की आपके साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा होगा या हुवा होगा I 


इन सब में एक चीज है जो सब में मिलेगा
 "मोहब्बत" 
मोहब्बत की कुछ लाइन है अर्ज करते है, 
"मोहब्बत जहां है वहा ज़िन्दगी है 
मोहब्बत जिसे बक्श दे जिंदगानी 
नहीं कोई इंसान मोहब्बत से खाली
मोहब्बत की है दासता ज़िन्दगी 
मोहब्बत ना हो तो कहा ज़िन्दगी 
मोहब्बत तो एक जावेदा ज़िन्दगी है "

इसलिए आप सब लोग जिंदगी को प्यार मोहब्बत से गले लगाइये
मन में किसी के  लिए बैर रख के कुछ हासिल नहीं होना है

जाना सब को एक ही जगह है तो क्यों न मोहब्बत से जाये 



By- Shubham srivastava 
22-02-2018 

मेरे गले की राग "MAA"

Blood Donor Day 14th June

  विश्व रक्तदाता दिवस रक्तदान के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने और स्वैच्छिक रक्तदाताओं के योगदान को स्वीकार करने के लिए 14 जून को मनाया ...